फार्मासिस्ट की करस्तानी और मनमानी की गजब कहानी


साहब ये उत्तर प्रदेश है। यहां सरकारी नौकरी करने वालो की जबाबदेही तय करने का पैमाना वे खुद अपनी जेब में रखते है। और बात जब स्वास्थ्य महकमे की हो तो मनमानी का खुमार सर पर चढ़ कर बोलता है। जी हा हम बात कर रहे है प्रतापगढ़ जनपद के पट्टी तहसील रायपुर रोड पर स्थित सेठ पन्नालाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एक फार्मासिस्ट के मनमाने रवैए की जो जनता की सेवा के लिए सरकारी धन से पैसे तो लेता है लेकिन अपने ही मनमानी करने पर आमदा रहता है। लोगों की माने तो इस फार्मासिस्ट की 3 दिन 24 घंटे की ड्यूटी महकमे द्वारा लगाई गई है लेकिन उसके मनमानी रवैए का असर यह है एक भी घंटा डयूटी ढंग से करने के लिए तैयार नहीं रहता है बल्कि इसके बदले ट्रेनिंग पर आए हुए लड़कों से दवा का वितरण करा कर और वार्ड बॉय से कुत्ते की सुई लगाकर मरीजों के सेहत के साथ खिलवाड़ करता है । ऐसा नहीं है कि लोग इससे परेशान होकर किसी से शिकायत नहीं किया लेकिन जब जब भी शिकायत किया क्षेत्र के असरदार नेता के प्रभाव के कारण उसका कोई कुछ भी बिगाड़ नहीं पाता है अस्पताल में उसकी हरकतों की चर्चा भी लोग करते नजर आते हैं लेकिन लोग खुलकर कुछ भी कहने से बचते हैं कई तीमारदारों का आरोप तो यह भी है कि दवा मांगने और दवा की खुराक पूछने पर झल्ला कर उन पर बरस पड़ता है । अस्पताल प्रशासन भले ही तमाम प्रकार की व्यवस्थाओं में सुचारू रूप से संचालित का दावा करता है लेकिन इस फार्मासिस्ट की कारस्तानी मरीजों और अस्पताल के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है फार्मासिस्ट का दबदबा इस कदर है कि वह कई वर्षों से सेठ पन्नालाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जमा हुआ है और किसी भी तरह उसका स्थान तरण नहीं हो पा रहा है। *रोहित जायसवाल पत्रकार*