अमरनाथ यात्रा के रास्ते पर मिली पाकिस्तानी सुरंग, सरकार ने श्रद्धालुओं को वापस बुलाया


जम्मू-कश्मीर में बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी अमरनाथ यात्रियों को वापस बुलाने का फैसला लिया है.


जम्मू-कश्मीर में बारूदी सुरंग मिलने के बाद केंद्र सरकार ने सभी अमरनाथ यात्रियों को वापस बुलाने का फैसला लिया है. सरकार ने सभी सैलानियों को जम्मू-कश्मीर से वापस लौटने का आदेश जारी कर दिया है. अमरनाथ यात्रा के रास्ते से भारतीय सेना ने अमेरिकी स्नाइपर राइफल M-24 बरामद की है. इसके अलावा रास्ते से पाकिस्तान में निर्मित कई बारूदी सुरंग भी मिली हैं. भारतीय सेना ने बयान जारी कर बताया है कि फिलहाल इलाके में ऑपरेशन जारी है और अन्य बारूदी सुरंगों के मिलने की भी आशंका है.


भारतीय सेना ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस का बताया कि आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने का प्लान बनाया हुआ था, इसी की छानबीन के तहत यात्रा के रास्ते से पाकिस्तान में बनायी गई बारूदी सुरंग बरामद हुई हैं. लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लन ने बताया कि एक पाकिस्तान निर्मित बारूदी सुरंग बरामद की गई है. इससे स्पष्ट होता है कि पाकिस्तानी आर्मी अभी भी आतंकियों का साथ दे रही है, हम इस बात को अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे.


'पाकिस्तानी आर्मी घाटी में शांति नहीं चाहती'


आर्मी की प्रेस कांफ्रेंस में ढिल्लन के साथ डीजीपी दिलबाग सिंह और सीआरपीएफ के आईजी जुल्फीकार हसन भी मौजूद थे. ढिल्लन ने कहा कि पाकिस्तानी आर्मी घाटी में शांति भंग करने के इरादे से इस तरह आतंकियों का साथ दे रही है. ढिल्लन ने आगे कहा कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों ने ही बीते दिनों हर हमले में IED और बारूदी सुरंगों का इस्तेमाल किया है.


  2017 में भी हुआ था आतंकी हमला
बता दें कि अगस्त 2017 में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों की बस पर हमला किया था. इसमें सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 32 अन्य घायल हो गए. मरने वालों में छह महिलाएं शामिल थी. इस हमले के दौरान दो हमलावर बाइक से आए थे. आतंकवादियों ने पहले पुलिस की बख्तरबंद गाड़ी पर हमला किया. जब पुलिस ने जवाबी गोलीबारी की तो आतंकवादी अंधाधुंद गोलियां चलाते हुए फरार हो गए. श्रद्धालु अमरनाथ गुफा के दर्शन करके वापस लौट रहे थे.


हालांकि भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि अमरनाथ यात्रा के इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है. ढिल्लन के मुताबिक फिलहाल सेना का टार्गेट जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा जैसे संगठनों को घाटी में जड़ से ख़त्म करना है.