शुगर_इंसुलिन_और_डायबिटीज़ जानिए क्या है इनका सम्बन्ध हमारे शरीर से

साक्षी रघुवंशी


हमारे शरीर में विभिन्न प्रकार के हॉर्मोन होते हैं, यह शरीर में एक संदेश वाहक पोस्टमैन की तरह कार्य करते हैं यह शरीर में एक अंग का संदेश दूसरे अंग तक ले जाते हैं जैसे आपने रसगुल्ला या पेड़ा खाया जिससे आपके रक्त में शुगर का स्तर बढ़ गया ।
अब यहां होता क्या है?
हमारे शरीर में अग्नाशय {पैंक्रियाज} नाम की एक ग्रंथि होती है जहां पर इंसुलिन बनता है 
यह पैंक्रियास की बीटा सेल्स में बनता है फिर खून में आता है फिर वहां से मांसपेशियों व अन्य अंगों की कोशिकाओं के भीतर शक्कर को घुसाने का काम करता है 
तो शक्कर इस प्रकार से सभी जगह पहुंचती है 
कोई भी कोशिका खून से शक्कर को डायरेक्ट नहीं ले सकती। 
इसके लिए कोशिकाओं की सतह पर ग्लूकोस को भीतर लेने की व्यवस्था चाहिए होती है
यही व्यवस्था इंसुलिन करता है 
वह सेल्स की भीतर उसके केंद्रक(न्यूक्लियस) में जाता है वहां विभिन्न प्रकार के जींस होते हैं जिन्हें वह सक्रिय/ एक्टिव कर देता है 
जिससे ग्लूकोज को लाने ले जाने वाली प्रोटीन का निर्माण होता है 
फिर यही प्रोटीन ग्लूकोज को कोशिकाओं के भीतर ले जाती है 
इस प्रकार से ये पोस्ट मैन ऑफ द सेल्स होते हैं कोशिकाओं के जीनों को एक्टिव करके यह शरीर पर अपना नियंत्रण रखते हैं।
तो डायबिटीज के लिए शक्कर जिम्मेदार ना होकर इन्सुलिन जिम्मेदार है। 
जब आप बार-बार शुगर का टेस्ट कराते हैं तो सिर्फ आप शुगर स्तर को जानकर उसे कंट्रोल करने का काम कर रहे होते बल्कि शुगर को कंट्रोल करने के भ्रम में रहते कि हम यह दवाई खा लेंगे वह दवाई खा लेंगे लेकिन असली खेल इंसुलिन का है।
जब अगली बार आप अपनी शुगर लेवल चेक कराने जाएं तो उनको बोलिए कि आपका इंसुलिन लेवल भी चेक कर दें।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप शक्कर की तरफ से बेफिक्र हो जाएं शक्कर कोई बहुत अच्छी चीज नहीं है हम सभी को शक्कर और मीठा कम से कम खाना चाहिए क्योंकि एक जगह मैंने पढ़ा है कि 
कैंसर सेल लव स्वीट थिंग्स।
स्वस्थ रहिये मस्त रहिये,क्योंकि शरीर ही वो मन्दिर है जिसमें आपको जीवन भर रहना है।