अमेठी के इंजीनियरिंग छात्रों ने बनाए 101 प्रोजेक्ट, एच०ए०एल० के जी0एम0 ने सराहा


              मुंशीगंज (अमेठी)। भारत के महान सिविल इंजीनियर डॉ0 मोक्षगुंडम  विसवेशरैया के जन्म दिन 15 सितंबर को पूरे भारत मे 'इंजीनियर्स डे' के रूप मे मनाया जाता है। डॉ0 मोक्षगुंडम  विसवेशरैया का जन्म कर्नाटक के कोलार जिले के एक गरीब तेलगू परिवार मे 15 सितंबर 1860 को हुआ था। पूना साइन्स कालेज से सिविल इंजीनियरिंग करने के पश्चात डॉ0 विसवेशरैया ने देश और जनता के लिए अपने इंजीनियरिंग कौशल से अभूतपूर्व सेवा किया जिसके लिए उन्हे वर्ष 1950 मे भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया।


    तब से आज तक उनके जन्म दिवस को अभियंता दिवस (इंजीनियर्स डे) के नाम से जाना जाता है। इसी क्रम मे 17 सितम्बर, मंगलवार  को अमेठी जनपद के मुंशीगंज मे स्थित इंजीनियरिंग संस्थान राजर्षि रणञ्जय सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलोजी (आर0आर0एस0आई0एम0टी0) मे 'इंजीनियर्स डे' का आयोजन किया गया। 
              प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट “मेक इन इडिया” को केन्द्रीय विन्दु रखकर छात्रों ने प्रोजेक्ट बनाए हैं. कार्यक्रम मे छात्रों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट और मॉडल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। किसी ने किसानों के लिए फर्टिलाइजार स्प्रे मशीन बनाई तो किसी ने किसानों के लिए मैन्युअल मिनी ट्रैक्टर की तकनीक का मॉडल प्रस्तुत किया, किसी ने वाटर एब्जार्बिंग रोड  बनाने के तरीके को इजात किया तो किसी ने एलपीजी बाइक बनाया। छात्रों ने एक से बढ़कर एक प्रोजेक्ट प्रदर्शित किया जिसे अतिथियों ने खूब सराहा। 
              इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग विभाग से फ्लोर क्लीनिंग रोबोट, व्वाईस कंट्रोल्ड कार, जीपीएस ट्रैकर फार किड्स, सिविल इंजीनियरिंग विभाग से फ्लोटिंग स्ट्रक्चर, इकोनोमिकल ब्रिज, इकोलाजिकल ब्रिक्स, स्मार्ट सिटी, यूज आफ वेस्ट टायर इन रोड कांस्ट्रक्शन,  इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग से एडवांस्ड ग्रास कटर, एडवांस्ड सिक्यूरिटी सिस्टम, एडवांस्ड रेलवे चेन पुलिंग सिस्टम, वायर लेस पावर ट्रांसमिसन सिस्टम, मेकैनिकल इंजीनियरिंग विभाग से पालीथीन बेस्ड फ्यूल, आटोमेटिक गार्बेज सेपरेटर, आटोमेटिक मेडिकल स्ट्रेचर, मल्टी परपज एग्रीकल्चर मशीन, स्मार्ट कार पार्किंग, वाटर प्रेसर इंजिन, आटोमेटिक हैमरिंग, वुड कटिंग मशीन, कम्प्युटर साइन्स इंजीनियरिंग विभाग से हेल्प एजुकेट इंडिया, अमेठी कनेक्ट, टेक्स्ट टू स्पीच, इमेज रिकगनिसन फार फार्मर, स्मार्ट डस्टबिन,  और एम0बी0ए0 विभाग से स्ट्रैटेजी बिहाइंड मर्जर आफ बैंक्स, सेल्फ डिफेन्स सिस्टम फार वीमेन सेफ्टी, एसएचजी-इकोनामिक बूस्टर फार इण्डिया, रिकमेंनडेशंस फार आयुष्मान भारत योजना, स्वच्छ भारत स्वस्थ भारत संवृध भारत, आदि  मुख्य प्रोजेक्ट रहे।                     
                मॉडल प्रदर्शन के बाद संस्थान के सेमिनार हाल मे प्रोजेक्ट प्रतियोगिताओं मे औव्वल छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। वर्ष के सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट का खिताब सिविल  इंजीनियरिंग विभाग के प्रोजेक्ट 'फ्लोटिंग स्ट्रक्चर' को मिला जिसमे ऐसी तकनीक विकसित किया गया है कि भवन, ब्रिज, अथवा अन्य कोई बिल्डिंग मटेरियल से बना ढांचा पानी पर तैरता हुआ स्थिर रहेगा जो की बाढ़ की स्थिति में जनहित में उपयोग में लाया जा सकेगा। तकनीक को छात्रों ने इस प्रकार विकसित किया है कि जैसे-जैसे पानी का जल स्तर बढेगा ढांचा अपने आप ऊपर आता जाएगा. 
                इसके साथ ही हर विभाग से एक-एक प्रोजेक्ट बेस्ट प्रोजेक्ट के रूप मे चुने गए। मेकैनिकल इंजीनियरिंग से 'मल्टी परपज एग्रीकल्चर मशीन', कम्प्युटर साइन्स से 'एग्रो टेक, सिविल से 'फ्लोटिंग स्ट्रक्चर', इलेक्ट्रॉनिक्स से 'फ्लोर क्लीनिंग रोबोट', इलेक्ट्रिकल्स से 'एडवांस रेलवे चेन पुलिंग सिस्टम', बी0 टेक0 प्रथम वर्ष के छात्र समूह से 'हैड्रोलिक ब्रिज', तथा एम0बी0ए0 से 'स्ट्रेटेजी बिहाइंड मर्जर आफ बैंक्स' प्रोजेक्ट अपने-अपने विभागों से श्रेष्ठता सूची मे नाम दर्ज कराने मे कामयाब रहे। जिसके लिए इनके टीम के सदस्यों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया। 
               इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एच०ए०एल०, कोरवा प्रोजेक्ट के  महाप्रबंधक (जी0एम0) अरुण कृष्णा ने छात्रों द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट तथा मॉडल की प्रशंसा करते हुये कहा कि जो मॉडल बनाए गए हैं इसमे से कई निश्चित ही भविष्य मे पेटेंट हो सकते हैं। मुख्य अतिथि अरुण कृष्णा ने अपने संबोधन मे छात्रों से आगे कहा कि, इस संस्थान के छात्रों के प्रोजेक्ट/मॉडल मे सबसे खास बात यह है की यह सभी नई सोच के साथ बनाए गए हैं। स्थायी सफलता के लिए प्रयास के साथ नैतिक मूल्य भी जरूरी हैं। उन्होने आगे कहा की छात्रों मे प्रोजेक्ट प्रदर्शनी के दौरान एक विशेष उत्साह देखने को मिला। जीएम ने छात्रों को सीख देते हुए बताया की एक इंजीनियर को हर पल नई चीजों से अपडेट रहना चाहिए और सफलता से अधिक असफलता से सीख लेना चाहिए”। उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ प्रोजेक्ट राष्ट्रीय स्तर के हैं. 
               संस्थान की निदेशक चंदारानी ने छात्रों को संबोधित करते हुये कहा कि आज हर क्षेत्र मे इंजीनियरिंग और प्रबंधन है। इंजीनियरिंग और प्रबंधन के प्रगति किए बिना भारत का विकास संभव नहीं है।
               इस अवसर पर जनपद के साइंस क्लब के अध्यक्ष अजय सिंह, आरआरपीजी के प्राचार्य डॉ0 त्रिवेणी सिंह, श्री रणवीर इंटर कालेज के प्रधानाचार्य डॉ0 राजेश सिंह, राजर्षि रणंजय सिंह ग्लोबल स्कूल की प्रिंसिपल शोपना सोनालिका जेना तथा संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष, अध्यापक और स्टाफ के साथ-साथ छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन लक्ष्मी पाण्डेय तथा प्रियान्शू श्रीवास्तव ने किया।