मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने से पीड़िता ने फिर किया इनकार

 


*कोतवाली पहुंचकर बताया- बीमार हूं, आज के लिए मांगा मौका*


*दो बार पहले भी अलग-अलग कारणों से असमर्थता जता चुकी है पीड़िता*
 *साजिश के शिकार हुए  लोगों को कब तक मिलेगा न्याय-* 


 देवरिया।* गैंगरेप पीड़िता गुरुवार को मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने नहीं पहुंची। कोतवाली पहुंचकर उसने पुलिस को बताया कि बीमार है। वह शुक्रवार को आएगी। उधर, इस मामले में दो आरोपियों की ओर से कोर्ट में दायर अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने 27 सितंबर की तिथि नियत की है।
पंचायती राज विभाग की बर्खास्त महिला संविदा कर्मचारी की तहरीर आठ सितंबर को डीपीआरओ ओमप्रकाश पांडेय, एडीपीआरओ नित्यानंद, वरिष्ठ सहायक रामधनेश यादव, सदर ब्लॉक के एडीओ पंचायत दीनानाथ और ठेकेदार ऋषिकेश तिवारी के खिलाफ गैंगरेप का केस दर्ज कराया। पीड़िता ने पुलिस के सामने बयान दर्ज करा दिया है। अब उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराना है। अलग-अलग कारणों से दो बार पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान देने में असमर्थता जता चुकी है। गुरुवार को फिर उसे बुलाया गया था। एक महिला के साथ वह कोतवाली पहुंची। उसने पुलिस को बताया कि तबीयत खराब है। इसलिए आज बयान दर्ज कराने में असमर्थ है। उसने शुक्रवार को फिर आने की बात कही। सदर कोतवाल अरुण मौर्य ने बताया कि पीड़ित युवती ने बीमार होने की बात बताई। शुक्रवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने को कहा है। दूसरी तरफ, डीपीआरओ ओमप्रकाश पांडेय और ऋषिकेश तिवारी ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दायर किया था। इस पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन कोर्ट ने इस पर 27 सितंबर को सुनवाई की तिथि नियत की है। एक अन्य आरोपी एडीपीआरओ नित्यानंद के अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने खारिज कर दिया था।



*कौन है युवती के संग साए की तरह चलने वाली महिला*


 पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराने पहुंची युवती के साथ दो महिलाएं थीं। एक महिला ने तो आना बंद कर दिया, लेकिन एक महिला साए की तरह उसके साथ है। वह कौन है, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। पुलिसवालों ने उसके बारे में जानने की कोशिश नहीं की, या हो सकता है कि युवती अकेले थाने न आना चाहती हो। बताया जा रहा है कि गैंगरेप का केस दर्ज होने के पहले विभाग के लिपिक ने युवती और प्रधान पर अपहरण का आरोप लगाया था। इसी मामले के आरोपी शख्स की यह महिला पत्नी है।


 देवरिया।* गैंगरेप पीड़िता गुरुवार को मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने नहीं पहुंची। कोतवाली पहुंचकर उसने पुलिस को बताया कि बीमार है। वह शुक्रवार को आएगी। उधर, इस मामले में दो आरोपियों की ओर से कोर्ट में दायर अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने 27 सितंबर की तिथि नियत की है।



पंचायती राज विभाग की बर्खास्त महिला संविदा कर्मचारी की तहरीर आठ सितंबर को डीपीआरओ ओमप्रकाश पांडेय, एडीपीआरओ नित्यानंद, वरिष्ठ सहायक रामधनेश यादव, सदर ब्लॉक के एडीओ पंचायत दीनानाथ और ठेकेदार ऋषिकेश तिवारी के खिलाफ गैंगरेप का केस दर्ज कराया। पीड़िता ने पुलिस के सामने बयान दर्ज करा दिया है। अब उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराना है।


 


   अलग-अलग कारणों से दो बार पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान देने में असमर्थता जता चुकी है। गुरुवार को फिर उसे बुलाया गया था। एक महिला के साथ वह कोतवाली पहुंची। उसने पुलिस को बताया कि तबीयत खराब है। इसलिए आज बयान दर्ज कराने में असमर्थ है। उसने शुक्रवार को फिर आने की बात कही। सदर कोतवाल अरुण मौर्य ने बताया कि पीड़ित युवती ने बीमार होने की बात बताई। शुक्रवार को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने को कहा है।


   दूसरी तरफ, डीपीआरओ ओमप्रकाश पांडेय और ऋषिकेश तिवारी ने कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दायर किया था। इस पर गुरुवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन कोर्ट ने इस पर 27 सितंबर को सुनवाई की तिथि नियत की है। एक अन्य आरोपी एडीपीआरओ नित्यानंद के अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने खारिज कर दिया था।



*कौन है युवती के संग साए की तरह चलने वाली महिला*


 पुलिस के समक्ष बयान दर्ज कराने पहुंची युवती के साथ दो महिलाएं थीं। एक महिला ने तो आना बंद कर दिया, लेकिन एक महिला साए की तरह उसके साथ है। वह कौन है, इसकी जानकारी किसी के पास नहीं है। पुलिसवालों ने उसके बारे में जानने की कोशिश नहीं की, या हो सकता है कि युवती अकेले थाने न आना चाहती हो। बताया जा रहा है कि गैंगरेप का केस दर्ज होने के पहले विभाग के लिपिक ने युवती और प्रधान पर अपहरण का आरोप लगाया था। इसी मामले के आरोपी शख्स की यह महिला पत्नी है।