पाकिस्तान ,नेपाल और अफगानिस्तान में भी है नाथ सम्प्रदाय के अनुयायी


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal 'Nishank') ने गुरुवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ किया. संगोष्ठी का विषय था- युग प्रवर्तक महायोगी गोरखनाथ.


 


लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhriyal 'Nishank') ने गुरुवार को तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ किया. संगोष्ठी का विषय था- युग प्रवर्तक महायोगी गोरखनाथ. कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ये विषय काफी गूढ़ है और उनके लिए खासा महत्वपूर्ण है. गोरखनाथ और नाथ संप्रदाय पर फोकस करते हुए सीएम ने कहा कि आस्था और इतिहास या साहित्य समन्वय नहीं बैठा पाते. इतिहास भ्रम पैदा करता है जबकि आस्था स्थिर है. आस्था के अनुसार गोरखनाथ शिव के स्वरुप हैं जबकि इतिहास की दृष्टि से वे कई कालखंड में विभाजित दिखाई देते हैं.

...जब सीएम योगी को पाकिस्तान से आया फोन
इस दौरान सीएम योगी ने बताया कि कुछ समय पहले उन्हें पाकिस्तान के नंबर से फोन आ रहा था, जिसे उन्होंने रिसीव नहीं किया. बाद में एक व्यापारी ने बताया कि नाथ संप्रदाय के लोग पाकिस्तान में भी हैं, जो उनसे संपर्क करना चाहते हैं. सीएम योगी ने कहा कि आस्था के कारण पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान और नेपाल सभी जगह नाथ संप्रदाय के अनुयायी हैं. पाकिस्तान और अफगानिस्तान की लोकगाथाओं में गोरखनाथ की मौजूदगी दिखाई देती है. सीएम ने कहा कि नेपाल गोरखनाथ की आस्था का एक बड़ा केन्द्र है. भारत में ऐसा कोई प्रांत नहीं है, जहां गोरखनाथ की स्वीकारोक्ति न हो. त्रिपुरा में 35 प्रतिशत व असम की 15 प्रतिशत आबादी गोरखनाथ की अनुयायी है. सम्पूर्ण देश में नाथ परम्परा के मठ व संत मौजूद हैं.

गोरखनाथ के बिना योग शून्य है, आयुर्वेद में भी गोरखनाथ माैजूद: सीएम योगी


 


उन्होंने कहा कि आज भी बासंतिक नवरात्र में नेपाल से बलरामपुर के तुलसीपुर देवीपाटन में सांस्कृतिक विरासक को लेकर यात्रा पहुंचती है. उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में भी गोरखनाथ मौजूद हैं. उन्होंने गोरखनाथ के बिना योग शून्य है और योग की महत्ता आज पूरा विश्व मान रहा है. सीएम ने कहा कि गोरखनाथ भाषाई सीमाओं से ऊपर हैं. उन्होंने कहा कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी में स्थापित इंसाइक्लोपीडिया, गोरखनाथ पर और काम करने की जरूरत हैं.

बहुत कम समय में सीएम योगी ने प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया: निशंक
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने सीएम योगी को योग का प्रतिमूर्ति बताया और कहा कि बहुत कम समय में सीएम ने प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया. उन्होंने कहा कि हजारी प्रसाद द्विवेदी ने लिखा है कि भक्ति आंदोलन से पूर्व सबसे शक्तिशाली गोरखनाथ का योग मार्ग था. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री ने कहा कि नयी शिक्षा नीति में वे प्राचीन परंपराओं को शामिल कर रहे हैं.