फोरेंसिक जाँच बनी जान की बवाल ,सभी ब्लैकमेलर गिरफ्तार

*वायरल वीडियो की एफएसएल 'जांच' बनी गले की 'फांस', स्वामी चिमन्यानंद पर अरोप लगाने वाली छात्रा भी जेल दाखिल*



*वाराणसी/शाहजहांपुर:* पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद यौन शोषण और दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुके हंै लेकिन उन पर आरोप लगाने वाली एसएस लॉ कॉलेज की एलएलएम छात्रा पर भी कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। एसआईटी की टीम ने बुधवार सुबह 9.30 बजे पांच करोड़ रंगदारी मांगने के मामले में छात्रा को गिरफ्तार कर लिया। दरअशल स्वामी चिमन्यानंद से पांच करोड़ रंगदारी मांगने का जो वीडियो वायरल हुआ था उसकी लैब से हुई जांच छात्रा ही नहीं बल्कि इस मामले में उससे जुड़े लोगों के गले का फांस बन गयी है। जांच से साफ हो गया है कि वीडियो के संग कोई छेड़छाड़ नहीं की गयी है और छात्रा अपने साथियों के संग पांच करोड़ वसूलने के प्लान पर इत्मीनान से योजना को अंतिम रूप दे रही थी।


*जमानत अर्जी भी हुई खारिज*


स्वामी से पांच करोड़ रुपये मांगने के मामले में एसआईटी ने पहले ही उसके कथित मित्र संजय सिंह जिसके साथ वह दिल्ली से लेकर राजस्थान तक अज्ञातवास में थी गिरफ्तार कर चुकी थी। संजय के साथ उसका चचेरा भाई विक्रम और करीबी रिश्तेदार सचिन भी धराये थे। इनसे पूछताछ मेंमिली जानकारी को छात्रा से पूछताछ कर पुष्ट किया गया। मंगलवार से ही एसआईटी की छात्रा पर नजर थी और अपनी निगरानी में कोर्ट में पेशी कराने के साथ बयान शुरू कर दिय था। कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 26 की तिथि नियत की थी। गिरफ्तारी के बाद छात्रा का मेडिकल मुआयना कराकर उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में जमानत अर्जी लगायी गयी लेकिन इसे खारिज कर 14 दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल करा दिया गया।


*पुख्ता सबूत बने गिरफ्तारी का आधार*


एसआईटी का नेतृत्व कर रहे आईजी नवीन अरोरा का दावा है कि छात्रा की गिरफ्तारी पुख्ता सबूतों के अधार पर की गयी है। आरोप-प्रत्यारोप के बीच सबूतों को संकलितकर इसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया था जहां की रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की गयी है। पांच करोड़ मांगने के प्रमाण है और गिरफ्तार आरोपितों का कबूलनामा है कि छात्रा के कहने पर इसे स्वामी के पास भेज कर धन की डिमांड की गयी थी। उन्होंने चिन्मयानंद को वाट्सएप मैसेज भेजे थे और पूरी उम्मीद थी कि इसे देखते ही वह धन दें देंगे लेकिन जब रिपोर्ट दर्ज करा दी तो दूसरे पैंतरे के तहत छात्रा कीवीडियो वायरल कर दबाव बनाने की कोशिश की गयी थी।