चीन हमारी जमीन हमे वापस दे-RSS प्रचारक इंद्रेश कुमार

गौरतलब है कि साल 2017 में डोकलाम विवाद के बाद साल 2018 में हुए वुहान समिट से दोनों देशों के रिश्तों पर जमी बर्फ खत्म हुई थी। वुहान समिट के दौरान पीएम मोदी चीन दौरे पर गए थे। अब चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पीएम मोदी के बुलावे पर भारत आ रहे हैं।
   मैं चीन को बताना चाहता हूं कि उसे हमारी जमीन वापस दे देनी चाहिए
आरएसएस नेता ने कहा कि 'मैं चीन को बताना चाहता हूं कि उसे हमारी जमीन वापस दे देनी चाहिए और अपनी विस्तारवादी नीति पर रोक लगानी चाहिए।



आज  चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दो दिवसीय दौरे पर भारत आने वाले हैं। चीनी राष्ट्रपति के इस दौरे से पहले आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने चीन से अक्साई चिन का इलाका भारत को वापस देने की मांग की है और इसके साथ ही आरएसएस नेता ने चीन से उसकी विस्तारवादी नीति को भी रोकने की मांग की है। इंद्रेश कुमार ने चीन से यह भी मांग की है कि वह पाकिस्तान को कहे कि वह कश्मीर भारत को सौंप दे, जिस पर उसने अवैध कब्जा किया हुआ है।


  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि “दोनों देशों के नेताओं के बीच क्या बात होगी, यह उन पर है, लेकिन केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि चीन ने हमारे इलाके अक्साई चिन पर अवैध कब्जा किया हुआ है। उन्होंने संसद को खासतौर पर बताया था कि अक्साई चिन भी हमारा है। मुझे उम्मीद है कि इस मुद्दे पर भी बातचीत होगी क्योंकि यह मुद्दा आज नहीं तो कल उठेगा ही।”


आरएसएस नेता ने कहा कि 'मैं चीन को बताना चाहता हूं कि उसे हमारी जमीन वापस दे देनी चाहिए और अपनी विस्तारवादी नीति पर रोक लगानी चाहिए।' हालांकि इंद्रेश कुमार ने चीन के हालिया बयान पर खुशी जतायी है, जिसमें चीन ने जम्मू कश्मीर को भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा बताया है।


बता दें कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच 11-12 अक्टूबर को चेन्नई के महाबलीपुरम में अनौपचारिक मुलाकात होगी। हालांकि इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच किसी तरह के समझौते, एमओयू आदि पर हस्ताक्षर नहीं होंगे। शी जिनपिंग शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे के करीब चेन्नई पहुंचेंगे।