छावनी में अग्रेजों के जमाने के कानून पर प्रधानमंत्री मोदी ने रिपोर्ट मांगी

 जमाने के कानून पर प्रधानमंत्री मोदी ने रिपोर्ट मांगी*
हिन्दुस्तान टीम,लखनऊ Sun, 20 Oct 2019 
सदर व्यापार मंडल ने सरकारी योजनाओं से वंचित होने का आरोप लगायालखनऊ। प्रमुख संवाददाताछावनी परिषदों में लागू अंग्रेजों के जमाने के कानून पर प्रधानमंत्री व गृहमंत्री ने रक्षा सचिव से एक माह में रिपोर्ट मांगी है। इसके अलावा मुख्यंत्री ने भी नगर विकास सचिव से भी रिपोर्ट तलब की है। बेसहारा जानवरों के लिए गौशाला बनाए जाने का आदेश प्रदेश की 13 छावनी परिषदों में लागू नहीं हो सका है। यह जानकारी सदर व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतबीर सिंह राजू ने दी है।उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि छावनी क्षेत्र में केन्द्र व राज्य सरकार का कोई आदेश लागू हो रहा है। अंग्रेजों का जमाने का कानून होने के कारण योजनाओं का लाभ भी यहां की जनता को नहीं मिल रहा है। प्रदेश की 13 छावनी परिषदों सहित देश में कुल 62 छावनी परिषदों का संविधान जम्मू-काश्मीर की धारा 370 से कम नहीं है। अंग्रेजों के समय में बना संविधान अब तक बदला नहीं गया है। देश की छावनी परिषदों में निवास कर रही लगभग 60 लाख आबादी सेना की तानाशाही से परेशान हो चुकी हैं।भवन का मालिकाना हक नहींउन्होंने बताया कि छावनी क्षेत्र में दुकान या मकान लीज पर हैं।


   लीज खत्म होने पर छावनी परिषद नवीनीकरण नहीं करती है। दुकान या मकान खाली करने नोटिस जरूर जारी हो जाती है। लाखों रुपए खर्च होने के बावजूद जमीन का मालिकाना हक छावनी परिषद का ही है।


   बैंक से लोन भी नहीं मिल सकता। मकान बनवाने के लिए छावनी परिषद नक्शा नहीं पास करता है। बिना अनुमति के भवन निर्माण कराया तो उसे तोड़ दिया जाता है। नगर निगम में शामिल हो सिविल एरियाउन्होंने कहा कि छावनी के लोग अपने मकान फ्रीहोल्ड करवाना चाहते हैं। छावनी परिषद को नियम के अनुसार धनराशि भी जमा करने को तैयार हैं। परन्तु रक्षा मंत्रालय उसकी भी अनुमति नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि या तो रक्षा मंत्रालय कानून में शीघ्र बदलाव करे या फिर छावनी परिषद की सिविल एरिया को नगर निगम में शामिल कर दिया जाए।