एक सप्ताह के अन्दर गोशाला का सम्पूर्ण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह

 


जौनपुर: जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने निजामुद्दीनपुर मछलीशहर में उ0प्र0 राज्य सहकारी संघ  (पैकफेड) द्वारा बनाये जा रहे स्थाई गोशाला का निरीक्षण किया। यह स्थाई गोशाला 250 जानवरों के रहने के लिए बनाया जा रहा है। इसकी लागत एक करोड़ बीस लाख रूपये है।
           निरीक्षण में पाया गया कि गोशाला को अगस्त 2019 तक पूर्ण करना था अभी तक सोलर बैकअप, पानी की पाइप नही लगा है एवं गोशाला में 04 शेड, भूसाघर, कार्यालय, 03 चरनियां, बनाई जा चुकी है। गोशाला का क्षेत्रफल 01.620 हेक्टेअर है। निरीक्षण में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि गोशाला तक पहुचने का रस्ता ठीक कराये, चरनी का निर्माण ज्यादा गहरा है इसे ऊपर उठा कर बनाये। उन्होंने चारागाह की खाली जमीन पर चारा उगाने के निर्देश दिये। उन्होंने एक सप्ताह के अन्दर गोशाला का सम्पूर्ण कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
            जिलाधिकारी ने निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में संचालित सभी गोआश्रय केन्द्र के प्रभारी वहां पर संरक्षित गोवंश को हरा चारा अधिकतम 20 प्रतिशत तक देगे शेष 80 प्रतिशत सूखा चारा और दाना से प्रतिपूर्ति की जाये। उन्होंने बाजरा का हरा चारा न खिलाने के निर्देश दिये क्योंकि उसमें नाइटेªट प्वाइजनिंग होने की सम्भावना बहुत रहती है। प्रत्येक गोआश्रय स्थ्ल पर सीसीटीवी लगवाने का निर्देश दिया। गोशालाओं में साफ-सफाई, पीने का पानी एवं प्रकाश की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिये।  
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि पशुओं को बचा हुआ अथवा बासी व सड़ा गला भोजन/चारा न खिलायें। चारे का लागबुक अवश्य बना लें जिसमें चारा कहां से कितनी मात्रा में प्राप्त हो रहा है का विवरण रखने का निर्देश दिया। गोशालाओं पर हमेशा कम से कम एक केयर-टेकर अवश्य मौजूद रहें। प्रत्येक गोशाला का पशु चिकित्सक द्वारा कम से कम दूसरे या तीसरे दिन भ्रमण कर प्रत्येक पशु का स्वास्थ्य परीक्षण अवश्य किया जाये। गोशालाओं पर एक बोर्ड पर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उप जिलाधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पुलिस कन्ट्रोल रूम, थाना, पशु चिकित्सक तथा केयर-टेकर का मोबाइल नम्बर अवश्य लिखवाया जाय ताकि आवश्यकता पड़ने पर उपरोक्त नम्बरों पर सूचना दी जा सके। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी गौरव वर्मा, उपजिलाधिकारी मछलीशहर मंगलेश दुबे, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा0 वीरेन्द्र सिंह, खण्ड विकास अधिकारी राजन राय आदि उपस्थित रहे।