एनकाउंटर में मारा गया लक्ष्मण यादव, 34 साल बाद डीआईजी के भाई की हत्या कर लिया था पिता की मौत का बदला*✍

 


पिता की मौत के बाद बदले की आग में सुलग रहा था लक्ष्मण
1985 में पिता की पुलिस एनकाउंटर में हुई थी मौत


UP: एनकाउंटर में मारा गया लक्ष्मण यादव, 34 साल बाद डीआईजी के भाई की हत्या कर लिया था पिता की मौत का बदला
आजमगढ़. पूर्वांचल का कुख्यात डेढ़ लाख का इनामी बदमाश लक्ष्मण यादव के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद सेवानिवृत्त डीआईजी के परिजनों ने भी जहां राहत की सांस ली है। साल 1985 में लक्ष्मण यादव के पिता रामदरश यादव की भी पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गयी थी, पिता की मौत के बाद लक्ष्मण यादव को शक था कि अम्बेडकर नगर जिले के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के चोरमरा कमालपुर गांव के रहने वाले डीआईजी जेपी सिंह ने ही उसके पिता को मुठभेड़ में मरवाया है, उसके बाद लक्ष्मण यादव और डीआईजी जेपी सिंह के बीच अदावत शुरू हो गयी थी।
34 सालों का लम्बा अंतराल भी गुजर गया, लेकिन लक्ष्मण यादव ने डीआईजी जेपी सिंह के परिवार को निशाने पर ही रखा। इसी बीच मौका मिलते ही लक्ष्मण यादव अपने साथी सुनील के साथ मिलकर सितम्बर 2019 में सेवानिवृत्त डीआईजी जेपी सिंह के भाई रवि प्रताप सिंह को गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद डीआईजी का परिवार काफी खौफ में जी रहा था। गुरूवार को जब पुलिस ने उसे इनकाउंटर में ढेर किया तो अब डीआईजी के परिजन काफी खुश है। उनका कहना है कि पुलिस ने शानदार काम किया है।
बता दें कि महराजगंज थाना क्षेत्र के नहरूमपुर गांव के समीप गुरूवार को पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ में डेढ़ लाख के इनामी बदमाश लक्ष्मण यादव को पुलिस ने ढ़ेर कर दिया। नहरूमपुर (देवारा) में स्वाट टीम ने डेढ़ लाख के इनामी बदमाश लक्ष्मण यादव और उसके साथी की घेराबंदी कर पुलिस को सूचना दी। इसी बीच बदमाशों ने अपने को घिरता देख पानी में डूबे धान के खेत में लेट गये और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दिया। बदमाशों की तरफ से फायरिंग होने पर पुलिस ने भी जबावी कार्रवाई की, जिसमें लक्ष्मण यादव को भी गोली लगी। वही बदमाशों की फायरिंग में सिपाही सुरेन्द्र यादव भी घायल हो गया। घायलों को अस्पताल लाया गया जहां बदमाश लक्ष्मण यादव की मौत हो गयी।