जन्मदिन विशेष:अंग्रेजी हुकूमत को धूल चटानें वाली वीरांगना रानी चेन्नम्मा का जन्मदिन है

क्या आप जानते है? आज है अंग्रेजी हुकूमत को धूल चटानें वाली वीरांगना रानी चेन्नम्मा का जन्मदिन...


रानी चेन्नम्मा का कर्नाटक में वही स्थान है जो स्वतंत्रता संग्राम में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का है। चेन्नम्मा नें लक्ष्मीबाई से पहले ही अंग्रेज़ों की सत्ता को सशस्त्र चुनौती दी थी। 'चेन्नम्मा' का जन्म 23 अक्तूबर,1778 में कित्तूर (कर्नाटक) में काकतीय राजवंश में हुआ था। कित्तूर मैसूर के उत्तर में एक छोटा स्वतंत्र व सम्पन्न राज्य था। अंग्रेज़ों की नजर इस संपन्न राज्य पर बहुत दिन से लगी थी। धारवाड़ के कलेक्टर थैकरे नें 23 सितम्बर,1824 को कित्तूर का किला घेर लिया। अपनी सेना के साथ रानी चेन्नम्मा अंग्रेज़ों की सेना पर टूट पड़ी।


    थैकरे भाग गया।अंग्रेज़ों ने 3 दिसंबर,1824 को फिर कित्तूर पर हमला किया, परन्तु उन्हें कित्तूर के देशभक्तों के सामनें फिर पीछे हटना पड़ा। कुछ दिन बाद पुनः अंग्रेजी सेना नें कित्तूर पर आक्रमण कर दिया। चेन्नम्मा के नेतृत्व में देशभक्तों नें फिर सामना किया परन्तु इस बार रानी चेन्नम्मा को अंग्रेज़ों नें बंदी बनाकर जेल में डाल दिया। 21 फ़रवरी 1829 को जेल के अंदर ही इस वीरांगना रानी चेन्नम्मा का देहांत हो गया।