कमलेश तिवारी हत्याकांड कातिल शेख अशफाक को लेकर चौंकाने वाला खुलासा,पुलिस हैरान

 कमलेश तिवारी के अलावा प्रदेश अध्यक्ष की हत्या की भी रचीं थी साजिश*


लखनऊ/नई दिल्ली- हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या के दोनों आरोपियों शेख अशफाक हुसैन और मोइनुद्दीन खुर्शीद पठान को गुजरात एटीएस ने मंगलवार को राजस्थान-गुजरात सीमा पर शामलाजी के पास से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दावा किया कि दोनों अभियुक्तों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने कमलेश की नृशंस हत्या की। कमलेश ने कुछ साल पहले जो विवादित बयान दिया था, उसी के चलते उसकी हत्या की वहीं, आरोपियों को लेकर रोजाना कोई न कोई खुलासा हो रहा है।


  
इस बार अशफाक को लेकर एक नया खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि अशफाक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव है, तफ्तीश में जुटे अधिकारी भी यह जानकर सकते हैं। आपको बता दें कि कमलेश तिवारी पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर बेरहमी से गला रेतने वाला शेख अशफाक हुसैन एक प्रतिष्ठित कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव था। दूसरा हत्या आरोपी पठान मोईनुद्दीन फूड डिलीवरी का काम करता था। एटीएस अधिकारियों ने बताया कि अशफाक गुजरात के सूरत में लिंबायत स्थित ग्रीन व्यू अपार्टमेंट पद्मावती सोसायटी जबकि पठान मोइनुद्दीन सूरत के ही उमरवाड़ा में एक कॉलोनी का रहने वाला है। अशफाक ने ही कमलेश तिवारी का गला रेता था। चाकू चलाने के दौरान उसका हाथ जख्मी भी हो गया था।
उधर, बरेली के दरगाह आला हजरत में दोनों आरोपियों की मदद करने वाले मुफ्ती कैफी को पूछताछ के लिए लखनऊ लाया गया है। यूपी एटीएस, एसआईटी और लखनऊ पुलिस ने कैफी से लंबी पूछताछ की है। कैफी ने दोनों आरोपियों से मिलने की बात स्वीकार की है, लेकिन उसकी किसी तरह की मदद करने की बात से इंकार किया है। कैफी ने जांच एजेंसियों को बताया कि उन लोगों ने इलाज कराने के लिए मदद मांगी थी, लेकिन उसने मदद करने से मना कर दिया।_ _*हालांकि एटीएस* को उसकी बातों पर भरोसा नहीं है। सच्चाई क्या है यह अब गुजरात में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के बाद पता चलेगा।

भड़काऊ भाषण की वजह से वारदात को दिया अंजाम*
गुजरात एटीएस की विज्ञप्ति के मुताबिक, दोनों आरोपियों ने कमलेश तिवारी के 2015 में दिगए गए भड़काऊ भाषण की वजह से वारदात को अंजाम दिया।_
_यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने हत्या के दोनों मुख्य आरोपियों पर ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।_
 _उन्होंने जल्द गिरफ्तारी का भी दावा किया था। बता दें कि लखनऊ में 18 अक्तूबर को दोनों आरोपियों ने दिनदहाड़े कमलेश के दफ्तर में ही घुसकर हत्या कर दी थी।_
_कमलेश तिवारी तक पहुंचने के लिए शेख अशफाक हुसैन ने हिंदू समाज पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष जैमिन दवे बापू का सहारा लिया था। उसने पहले फेसबुक पर रोहित कुमार सोलंकी के नाम से फर्जी आईडी व फर्जी आधार कार्ड बनवाया। इसके बाद जैमिन से संपर्क कर पार्टी में शामिल हुआ।_
_जैमिन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश से संपर्क कर रोहित कुमार सोलंकी उर्फ शेख अशफाक हुसैन को सूरत शहर की आईटी सेल का प्रचारक के पद पर मनोनीत किया था। सूरत शहर का आईटी सेल का प्रचारक बनते ही शेख अशफाक हुसैन ने वॉट्सएप पर एक ग्रुप बनाया जिसमें कमलेश के साथ ही पार्टी के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पुष्कर राय मोनू, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी गौरव सोलंकी समेत अन्य पदाधिकारियों को जोड़ा।_
_पुलिस सूत्रों ने बताया कि वॉट्सएप ग्रुप पर ही वह सूरत में पार्टी की गतिविधियों के बारे में सूचनाएं और खबरें साझा करता था। उसकी सक्रियता देखकर ही कमलेश और उत्तर प्रदेश के अन्य पदाधिकारी प्रभावित हुए व उससे बातचीत करने लगे। उसने पार्टी के नाम से एक फेसबुक अकाउंट भी शुरू किया जिसमें हजारों लोग जुड़े थे।_
_फेसबुक और वॉट्सएप पर वह खुद को कट्टर हिंदू साबित करने के लिए अक्सर रामचरित मानस की चौपाइयां व संस्कृत के श्लोक पोस्ट करता था। गुजरात एटीएस ने प्रदेश अध्यक्ष जैमिन से पूछताछ की जिसमें उन्होंने बताया कि अशफाक सूरत से लखनऊ के निकला तो उन्हें जानकारी दी थी। उसने लखनऊ में आयोजित पार्टी की बैठक में शामिल होने के बारे में भी कहा था।_
👉🏻 _*कमलेश संग प्रदेश अध्यक्ष की भी थी हत्या की साजिश*_
_हिंदू समाज पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी गौरव सोलंकी का कहना है कि रोहित कुमार सोलंकी उर्फ अशफाक ने कमलेश तिवारी के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष पुष्कर राय मोनू की हत्या की भी साजिश की थी। उन्होंने लखनऊ आने से पहले प्रदेश अध्यक्ष को फोन कर मिलने की इच्छा जाहिर की। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष ने किसी काम में व्यस्त होने की बात कहते हुए मुलाकात में असमर्थता जता दी। इस पर हत्यारों ने उन पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी डाला। प्रदेश अध्यक्ष ने हत्यारों से दोबारा लखनऊ आने पर मिलने की बात कही थी।_
_*हिंदू समाज पार्टी* के नेता कमलेश तिवारी के कत्ल की साजिश का ताना बाना तीन वर्षों से बुना जा रहा था। साजिश में शामिल आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए उसके हर पहलू पर कई बार गौर किया। गुजरात से शुरू हुई साजिश में शामिल लोगों को एक-एक कर जोड़ा गया।_
_*मामले की जांच* से जुड़ी एजेंसियों के अधिकारी इस जानकारी से अचंभे में हैं कि साजिश रचने वालों ने न सिर्फ वारदात को अंजाम देने के तरीके बल्कि मौके से फरार होने और इस पूरे मामले में हर कदम पर जरूरी मदद हासिल करने के लिए भी बिसात बिछाई हुई थी। कत्ल को अंजाम देने वाले किन-किन रास्तों से भाग सकते हैं और कहां किससे क्या मदद ली जानी है सब पहले ही तय कर लिया गया था।_
_*अभी तक की पड़ताल* में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि कमलेश तिवारी के एक बयान के बाद से ही उनके कत्ल का परवाना जारी कर दिया गया था।


    गुजरात एटीएस ने भी *आईएसआईएस* की विचारधारा से जुड़े जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया था उन्होंने भी इस बात को कबूला था।_
_*हत्याकांड की साजिश* में शामिल फैजान, मौलाना मोहसिन शेख व रशीद पठान के गुजरात से पकड़े जाने और सैयद आसिम के नागपुर से गिरफ्तार किए जाने के बाद जो जानकारी सामने आई है उससे यह साबित हो गया है कि साजिश को अमली जामा तब पहनाया जाना शुरू हुआ जब अशफाक ने रोहित सोलंकी के नाम की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर कमलेश तिवारी को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी।_
_*जांच एजेंसियों* के अनुसार पूछताछ में सामने आया है कि कत्ल करने के लिए अशफाक और मोईनुद्दीन का चयन करने के बाद उन्हें ताकीद की गई थी कि वे कमलेश तिवारी की मौत सुनिश्चित करने के बाद ही मौके से हटें। यही वजह थी कि हत्यारों ने कमलेश पर गोली भी चलाई, चाकू से कई बार वार कर गला भी रेत दिया था।_