अयोध्या फैसले के दिन सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखने वाले सिपाहियों का सम्मान...

बुलन्दशहर।।


     एसएसपी बुलंदशहर के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले वाले दिन 730 भड़काऊ पोस्ट सोशल मीडिया पर डाले गए थे, जिनको त्वरित डिलीट कराने और एक्शन लेने में सोशल मीडिया सेल के कांस्टेबल खालिद अली व मोनू ने अहम भूमिका निभाई थी।


    बुलंदशहर अयोध्या फैसले के दिन सोशल मीडिया पर चौकस नजर रखने और अफवाहों को फैलने से रोकने में अहम भूमिका निभाने वाले कांस्टेबल खालिद अली और मोनू को बुलंदशहर एसएसपी ने सम्मानित किया।


   गत 9 नवंबर को अयोध्या फैसला आया था जिसके पहले पुलिस-प्रशासन की अभूतपूर्व तैयारियों के चलते इतने बड़े फैसले के बाद प्रदेश भर में स्थिति शांतिपूर्ण रही। जिसका बहुत बड़ा श्रेय सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर काबू कर पाना रहा।


बुलंदशहर रहा अव्वल


सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलने देने के मामले में बुलंदशहर प्रदेश भर में अव्वल रहा, एसएसपी बुलंदशहर के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट के फैसले वाले दिन 730 भड़काऊ पोस्ट सोशल मीडिया पर डाले गए थे।


   जिनको त्वरित डिलीट कराने और एक्शन लेने में सोशल मीडिया सेल के कांस्टेबल खालिद अली व मोनू ने अहम भूमिका निभाई थी। उत्तर प्रदेश के संवेदनशील जिलों में आने वाला बुलंदशहर अयोध्या में श्री राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले वाले दिन पूरे प्रदेश की तरह शांत रहा।


   सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डिलीट करा कर शांति व्यवस्था बनाए रखने में उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर अव्वल रहा। सोशल मीडिया पर पैनी नजर रखने व भड़काऊ पोस्ट फ़ौरन हटवाने में अहम भूमिका निभाने वाले सोशल मीडिया सेल के कांस्टेबल खालिद व मोनू को पर एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। एसएसपी संतोष कुमार के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के फैसले के दिन सोशल मीडिया पर 730 भड़काऊ पोस्ट आए थे जिन्हें डिलीट कराने में कांस्टेबल खालिद और मोनू ने अहम भूमिका निभाई इस दौरान जनपद में शांति व्यवस्था बनी रही।


   सम्मानित किए गए सिपाही खालिद़ अली के मुताबिक़ फैसले वाले दिन फ़ेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर कई क़िस्म के भड़काऊ पोस्ट डाले गए थे। उन लोगों ने उस दिन फ़ेसबुक की साइट पर कम्प्लेंट करके कई एकाउंट ब्लॉक करवाए और कई पोस्ट डिलीट कराए गए जिसके कारण ज़िले भर में शांति व्यवस्था बनी रही।