डेस्टिनेशन नॉर्थ ईस्ट दूसरे दिन कलाकारों और बैंड का प्रदर्शन हुआ

*डेस्टिनेशन नॉर्थ ईस्ट दूसरे दिन कलाकारों और बैंड का प्रदर्शन हुआ*


 


वाराणसी यहां आईआईटी बीएचयू टेक्नालॉजी ग्राउंड में आयोजित डेस्टिनेशन नॉर्थ ईस्ट आज दूसरे दिन भी जारी रहा। इसमें पूर्वोत्तर क्षेत्र की संस्कृति, विरासत और कारोबारी मौकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आज इसके तहत निम्नलिखित कलाकारों और बैंड का प्रदर्शन हुआ


 


§  मच्छु टारेट (मणिपुर)


§  बोरकुंग हरंगख्वाल (त्रिपुरा)


§  अवरतंगा चिरु (मणिपुर)


§  क्रिस्टल शाई (मिजोरम)


क्रिस्टल मलस्वामी रेनथलेई – एक युवा उत्साही मिजो कलाकार जो अपनी आकर्षक आवाज से देश के भिन्न हिस्सों में अपने कार्यक्रम के दौर करती रही है।


 


§  शिलांग चैम्बर कॉयर (मेघालय)


शाम में शो स्टॉपर प्रदर्श शिलांग चैम्बर कॉयर का रहा जिसने अपने भिन्न गीतों - देखा है सारी दुनिया, मेड इन इंडिया बाई क्रिस्टल, कैसी पहेली है जिन्दगानी बाई क्रिस्टल आदि से लोगों का मनोरंजन किया।


 


द शिलांग चैम्बर कॉयर की स्थापना 2001 में हुई थी और यह एक मल्टी जेनरे कॉयर है जिसने 2010 में रीयलिटी टीवी शो इंडियाज गॉट द टैलेन्ट जीता था। इसी साल, छठे वर्ल्ड कॉयर गेम्स में कॉयर को म्युजिका साकरा, गॉसपेल और पोपुलर म्युजिक के लिए तीन स्वर्ण पुरस्कार मिले थे। अमरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और मिशेल ओबामा अपने राजकीय दौरे पर जब भारत आए थे तो इस टीम ने उनके लिए राष्ट्रपति भवन में परफॉर्म किया था।


 


कॉयर की विविधता का विस्तार विएना चैम्बर ऑर्केस्ट्रा के प्रदर्शन, फिट्ज विलियम क्वार्टलेट से लेकर जाने-माने दिग्गजों जैसे अमिताभ बच्चन के साथ गठजोड़ तक है। यह कौन बनेगा करोड़पति से के छठे सत्र के लिए था। इस शो के बारे में कहा जाता है कि सभी जनरल एनटरटेनमेंट चैनल्स पर इसकी ओपनिंग 2012 में सबसे अच्छी थी। और इसने पिछला सारा रिकार्ड तोड़ दिया था।


 


कल के प्रदर्शन की खासियत थी, दुनिया की अकेली ऑल ब्लाइंड बैंड लाइट आफ्टर डार्क। इसमें चार मेघालय के दृष्टि बाधित लड़के हैं। इनका प्रदर्शन शानदार रहा, चौंकाने वाला और प्रेरक रहा। इन्होंने जो प्रस्तुतियां दीं वे कई बार मंच पर लाइव परफॉर्म कर रहे बैंड से बेहतर थीं। लोग उनकी सीमाएं भूल गेए क्योंकि उनके संगीत ने लोगों को बेहद प्रभावित किया।



बैंड के सदस्यों में दिबर्टस्टार लिंगदोह (19) बास गीटार बजाते हैं, पायनुरसला के हिटलर खोंगपाई (21) ड्रम बजाते हैं, जैनतिया हिल्स के रेमिकी पाजुह (23) गर्व से गीटार बजाते हैं और शिलांग के वनलमफ्रांग नोंगख्लाव (25) जो ड्रमर हुआ करते थे पर गाने की प्रतिभा भी होने के कारण उन्होंने बैंड के मुख्य गायक का काम संभाव लिया है।