एक ही स्टेप में खत्म हो जाएंगे कैंसर के बैक्टीरिया

 


जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के रज्जू भइया भौतिक विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान में अंतिम दिन सोमवार को अत्याधुनिक तकनीक के लिए अल्ट्रासोनिक एवं पदार्थ विज्ञान विषयक सम्मेलन के समानांतर सत्र में आए वैज्ञानिकों ने शोधपत्र के माध्यम से अल्ट्रासोनिक एवं पदार्थ विज्ञान के प्रभाव को विस्तृत रूप में समझाया। 
  अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में सोमवार को तीसरे दिन प्रो. राजेंद्रन ने अपने शोधपत्र में कहा कि हम विभिन्न मेटल और नॉन मेटल के ऑक्साइड को बड़े स्तर पर बना सकते है। नैनो टेक्नालाजी और नैनोपार्टिकल से जेब्रा मछली में रिप्रोडक्शन कर 50 फीसदी से ज्यादा बड़ा बना सकते हैं। साथ ही इससे आर्टिफिसियल टिश्यू बना सकते हैं। खासतौर से इसके माध्यम से हम दांतों का खोया हुआ एनामल भी लौटा सकते हैं। पुणे विश्वविद्यालय के प्रो० विलास राव तभाने ने ध्वनि लहरों की मानव जीवन पर होने वाले  प्रभाव और उपयोगिता पर विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा के लिए सड़कों पर दंगाइयों को खदेड़ने में ऐसे एकास्टिक यंत्र उपयोग में लाये जा रहे हैं। इससे बिना किसी जान माल के नुकसान के भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन तरंगों द्वारा भूकंप, ज्वालामुखी, लावा,  परमाणु परीक्षण प्रतिबंध के अनुबंध की निगरानी उल्कापात की निगरानी प्राकृतिक आपदा , सुनामी की निगरानी इनके होने के पूर्व सूचना इकट्ठा करने में इन ध्वनि लहरों की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की। 
   हैदराबाद सीएसआईआर कोशकीय एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ अमित अस्थाना ने कहा कि कैंसर में लिपोसेंस पद्धति के माध्यम से प्रभावी कार्य किया जा रहा है।


   कैंसर में कीमोथेरेपी विधि से मरीज को काफी परेशानी होती है। इसका मरीज पर साइड इफेक्ट पड़ता है। लिपोसेंस प्रक्रिया के माध्यम से हम कैंसर के स्थान पर आवश्यक दवा का उपयोग करके उस स्थान के सेल को क्षतिग्रस्त करते हैं जिससे वहां के बैक्टीरिया निष्क्रिय हो जाते हैं। इसका प्रयोग महिलाओं के ब्रेस्ट कैंसर में काफ उपयोगी होगा।