एसटीपी के निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही  बर्दाश्त नहीं किया जाएगा : जिलाधिकारी

जिलाधिकारी ने रमना एवं रामनगर में निर्माणाधीन एसटीपी का औचक निरीक्षण किया


 वाराणसी |  जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने रमना में 161.21 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन 50 एमएलडी एसटीपी के निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए तय समयसीमा के अंतर्गत पूरा कराए जाने हेतु गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अभियंताओं को निर्देशित किया। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि इस एसटीपी को मार्च, 2020 तक पूरा कराया जाना है तथा वर्तमान में 76 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुके हैं। शेष बचे 4 माह की अवधि में परियोजना के अवशेष 24 फीसदी कार्य को पूरा कराया जाना है। ऐसी स्थिति में युद्ध स्तर पर प्रयास किए जाएं। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अभियंताओं ने जिलाधिकारी को बताया कि इस योजना को पूर्ण होने पर अस्सी नदी में प्रवाहित हो रहे सीवेज के कारण गंगा नदी में हो रहे प्रदूषण की प्रभावी रोकथाम हो सकेगी।
          जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा रविवार को रमना एवं रामनगर में निर्माणाधीन एसटीपी के कार्य का निरीक्षण कर रहे थे। रामनगर नगर पालिका परिषद क्षेत्र से गंगा नदी में मिल रहे 5 नालों के माध्यम से हो रहे प्रदूषण की रोकथाम हेतु नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत 72.91 करोड़ लागत से एसटीपी के निर्माण कार्य के निरीक्षण के दौरान उन्होंने इसे सितंबर 2020 तक प्रत्येक दशा में पूरा कराए जाने का निर्देश दिया। कार्य के दौरान परियोजना स्थल पर सुरक्षा के इंतेजाम सुनिश्चित कराए जाने पर विशेष जोर देते हुए उन्होंने कार्य की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखने की विभागीय अभियंता को निर्देशित किया। निरीक्षण के दौरान प्रस्तावित कार्यों के सापेक्ष सीसीटी, एसएसटी, बायोलॉजिकल रिएक्टर, एमपीएस एवं प्रशासनिक भवन आदि के कार्य प्रगति पर पाए गए। जिलाधिकारी ने इस परियोजना के 18 फीसदी ही कार्य पूर्ण होने की जानकारी पर नाराजगी जताते हुए कार्य में अपेक्षित तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने पर पांच अदद नालो द्वारा गंगा नदी में प्रवाहित हो रहे सीवेज के हो रहे प्रदूषण की रोकथाम हो सकेगी।
          निरीक्षण के दौरान गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अभियंता एवं कार्यदाई संस्था के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।