गृहकर के नाम पर भयादोहन का पार्षदों ने उठाया मुद्दा

 


 


वाराणसी | नगर निगम कार्यकारिणी में पुनरीक्षित बजट के दौरान करों से आय के मद में गृहकर के नाम पर नगर निगम कर्मचारियों के द्वारा किए जा रहे भयादोहन का मुद्दा पार्षदों ने उठाया । उनका कहना है कि नगर निगम के कर निरीक्षक जीआईएस सर्वे के नाम पर गृहकर को कई गुना बढ़ाकर भेज रहे हैं । इससे लोग भयभीत हैं । शिवाला के पार्षद राजेश यादव चल्लू ने कहा कि कई लोगों ने उन्हें बताया कि लगातार गृहकर जमा करने के बावजूद उनके नाम से नगर निगम लाखों के बकाए का नोटिस भेज दे रहा है । इससे लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि वे कैसे बकाएदार हो गए । इसका फायदा कर निरीक्षक उठा रहे हैं । लोगों को बरगलाकर बकाया कम करने के नाम पर धन उगाही कर रहे हैं । इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर गृहकर की दरों को सभी जोनल कार्यालयों पर टंगवाया जाएगा, जिससे लोग जागरूक रहें । साथ ही उन्होंने कहा कि कर निर्धारण और जीआइएस सर्वे से जुड़े किसी मामलों के निस्तारण में 15 दिन से अधिक का समय न लगे । शहर में मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियों में अधिकारियों का ध्यान होने के कारण बैठक में सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा नहीं हो सकी । इससे सर्वसम्मति से 60007.87 करोड़ का पुनरीक्षित बजट कार्यकारिणी ने पास कर दिया । साथ ही जल कल का भी 14191.58 करोड़ रुपये के पुनरीक्षित बजट को स्वीकृति दे दी गई । अब यह बजट सदन में चर्चा के लिए रखा जाएगा । इससे पूर्व दोपहर बारह बजे से होने वाली बैठक में सभापति मृदुला जायसवाल और उपसभापति नरसिंह दास के समय से नहीं आने पर कार्यवाही के संचालन के लिए पूर्णमासी गुप्ता ने वरिष्ठ पार्षद राजेश यादव चल्लू के लिए प्रस्ताव रखा और समर्थन मनोज यादव ने किया । सर्वसम्मति से संचालन के लिए राजेश यादव के मनोनयन के बाद जैसे ही वे कुर्सी की ओर बढ़े उपसभापति नरसिंह दास आ गए तो कार्यवाही शुरू हुई । पुनरीक्षित बजट की बैठक में नावों से होने वाली आय पर भी चर्चा हुई । अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो वर्षों से नावों का नवीनीकरण नहीं होने से इस मद में कोई आय नहीं हो रही है । इस पर उपसभापति नरसिंह दास ने कहा कि जल्द इस मामले का समाधान कराया जाए । नगर निगम कुत्ता पालने वालों से भी कर वसूलेगा । सदस्यों का विचार था कि जो एजेंसी कूड़ा उठाने के लिए यूजर चार्ज वसूलने घरों में जाएगी । उनके लोग यह कर भी वसूलेंगे। उनकी दलील थी कि कूड़ा उठाने के लिए सफाई मित्र जब बेल बजाता है तो सबसे पहले कुत्ता ही भौंकता है । इससे इसकी जानकारी भी उसे आसानी से हो जाएगी जिससे कर वसूलने में मदद मिलेगी | बैठक में पार्षदों का मानना था कि शहर की सबसे बड़ी समस्या सीवर ओवरफ्लो की है । इससे शहर के आधे से अधिक लोग परेशान हैं । पार्षदों का कहना है कि जल कल के अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं । इससे समस्या और गंभीर हो रही है । इस पर नगर आयुक्त ने नराजगी जताई । बैठक में मौजूद जलकल के सचिव रघुवेंद्र कुमार ने इसके लिए एक महीने का समय मांगा है । पुनरीक्षित बजट में आय बढ़ाने की चर्चा के क्रम में नगर आयुक्त गौरांग राठी ने सुझाव दिया कि शहर में स्थित होटल, लॉज और गेस्ट हाउस से 20, 40 और 60 रुपये प्रति यात्री कर वसूला जाए । इस पर सदस्यों ने कहा कि लोगों की बैठक बुलाकर इस बारे में राय लेकर कोई फैसला किया जाएगा । इस बात पर सहमति बनी कि वर्ष 2020-21 के बजट में इसका प्रस्ताव लाया जाए ।।