हमारे पास 162 विधायक हैं, यह गोवा नहीं बल्कि महाराष्ट्र है: शरद पवार

महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस सरकार के शक्ति परीक्षण के संबंध में उच्चतम न्यायालय का फैसला आने से एक दिन पहले शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठजोड़ ने अपनी ताकत दिखाते हुए 162 विधायकों की परेड करायी। कार्यक्रम में सभी विधायकों ने भाजपा के किसी भी प्रलोभन के सामने नहीं झुकने का संकल्प लिया।


राकांपा विधायक धनंजय मुंडे ने कहा कि सोमवार (25 नवंबर) शाम एक लक्जरी होटल में आयोजित कार्यक्रम में तीनों दलों के 162 विधायक मौजूद थे। राकांपा प्रमुख शरद पवार ने इकट्ठा विधायकों से कहा कि वह निजी तौर पर सुनिश्चित करेंगे कि महाराष्ट्र विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान भाजपा के खिलाफ वोटिंग करने पर किसी की भी सदस्यता ना जाए।


पवार मुंबई में पांच सितारा होटल में शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के 'महा विकास आघाडी' गठजोड़ के विधायकों की संयुक्त बैठक को संबोधित कर रहे थे। राकांपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा ने गोवा और अन्य राज्यों में सत्ता बनाने के लिए असंवैधानिक तरीके अपनाए। पवार ने कहा, ''महाराष्ट्र, गोवा नहीं है और यह समय उन्हें सबक सिखाने का है।"


हमारे लिए रास्ता खाली करो, उद्धव ने विधायकों की परेड में भाजपा से कहा


कार्यक्रम में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा से महाराष्ट्र में शासन के लिए शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठजोड़ के वास्ते रास्ता खाली करने को कहा। परेड में मौजूद विधायकों से कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने कहा, ''हमारे पास केवल 162 नहीं बल्कि 162 से ज्यादा विधायक हैं। हम सब सरकार का हिस्सा होंगे। भाजपा को रोकने के वास्ते इस गठबंधन की अनुमति देने के लिए मैं सोनिया गांधी का शुक्रिया अदा करता हूं।" उन्होंने कहा, ''राज्यपाल को सरकार बनाने के लिए हमें आमंत्रित करना चाहिए।"


पवार ने कहा, ''गलत सूचना फैलायी जा रही है कि अजित पवार राकांपा के विधायक दल के नेता हैं, जो सभी (राकांपा) विधायकों को (शक्ति परीक्षण में) भाजपा को वोट करने के लिए व्हिप जारी करेंगे।" राकांपा प्रमुख ने कहा कि उन्होंने कई संविधान विशेषज्ञों और कानून विशेषज्ञों से विचार- विमर्श किया है और पूर्व के मुद्दों पर भी गौर किया है।


पवार ने कहा, ''मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि अजित पवार जिन्हें उनके (सरकार गठन के लिए भाजपा से हाथ मिलाने के कारण राकांपा विधायक दल के नेता)पद से हटा दिया गया है, उनके पास विधायकों को व्हिप जारी करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।" परोक्ष तौर पर भाजपा का हवाला देते हुए पवार ने कहा, ''मैं निजी तौर पर जिम्मेदारी लेता हूं कि सदन से आपकी सदस्यता निरस्त नहीं होगी। अवैध तरीके से सत्ता पर कब्जा करने वालों को अब हटना होगा।"