जम्मू-कश्मीर में पहली बार 26 नवंबर को मनाया जाएगा संविधान दिवस भाषा,जम्मू


    जम्मू-कश्मीर अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधानों को खत्म करने और वर्ष 1957 से लागू राज्य संविधान भंग होने के बाद पहली बार 26 नंवबर को भारत का संविधान अंगीकार करने की 70वीं सालगिरह मनाएगा। जम्मू-कश्मीर के सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव सुभाष सी छिब्बर ने सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा, ''संविधान निर्माताओं के योगदान के प्रति आभार प्रकट करने और इसमें शामिल उत्कृष्ट मूल्यों और नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस वर्ष संविधान स्वीकार करने की 70वीं सालगिरह है।"


उन्होंने कहा, ''सरकारी कार्यालय सहित सभी संस्थानों में सुबह 11 बजे संविधान की प्रस्तावना को पढ़ा जाएगा और इसके बाद लोग मौलिक कर्तव्यों का अनुपालन करने की शपथ लेंगे।" आदेश के मुताबिक, ''मंडलायुक्त, जिला उपायुक्त, विभागों के प्रमुख, सभी पुलिस प्रतिष्ठान यह सुनिश्चित करें कि उनके सभी अधीनस्थ कार्यालय प्रस्तावना को पढ़े और मौलिक कर्तव्यों के अनुपालन की शपथ लें।"


देशव्यापी अभियान के तहत नव गठित केंद्र शासित प्रदेश में भी मंगलवार (26 नवंबर) को मौलिक कर्तव्यों को लेकर अभियान की शुरुआत होगी और इसका समापन अगले साल 14 अप्रैल को डॉ. भीम राव आंबेडकर की जयंती पर होगा। गौरतलब है कि 26 नवंबर का ऐतिहासिक महत्व है। 1949 में इसी दिन भारत के संविधान को अंगीकार किया गया और 26 जनवरी 1950 को यह पूरी तरह से प्रभावी हुआ और देश गणतंत्र बना।


संविधान दिवस: संसद की संयुक्त बैठक का बहिष्कार कर सकते हैं कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दल संविधान दिवस के मौके पर मंगलवार (26 नवंबर) को होने जा रही संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक का बहिष्कार कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और द्रमुक महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में शामिल नहीं होने के बारे में विचार कर रहे हैं।


एक सूत्र ने बताया कि विपक्षी दलों की योजना है कि इस बैठक का बहिष्कार कर डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया जाए। सरकार ने संविधान सभा द्वारा संविधान का अनुमोदन किए जाने की 70वीं वर्षगांठ के मौके पर सेंट्रल हाल में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुलाई है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मौके पर सांसदों को संबोधित करेंगे।