क्या आप जानते हैं श्री राम जन्मूभूमि पर जो बहुप्रतिक्षित फैसला आया है उसमें जौनपुर का भी योगदान है


  गगोई साहब ने जो पंच परमेश्वर खण्डपीठ बनाई थी उसमें एक थे न्यायमूर्ति अशोक भूषण, जो कि जौनपुर के मूल निवासी हैं, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 1979 में कानून कि डिग्री लिये थे।
जौनपुर। अयोध्या में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद के मामले में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सभी ने जोरदार स्वागत किया है। बता दें कि अयोध्या मामले की सुनवाई करने वाले सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की पीठ में जौनपुर के मूल निवासी जस्टिस अशोक भूषण भी शामिल रहें।


  जानकारी के अनुसार जस्टिस अशोक भूषण जिले के मड़ियाहूं कस्बे के मूल निवासी हैं। उनकी ससुराल शहर के कालीकुत्ती परमानतपुर में है।


  काफी दिनों तक उनका परिवार परमानतपुर में ही रहा। जस्टिस अशोक भूषण के पिता चंद्रमा प्रसाद श्रीवास्तव हाईकोर्ट में अधिवक्ता थे।
5 जुलाई 1956 को जन्मे जस्टिस अशोक भूषण 1979 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रैक्टिस शुरू किया। इसके बाद वर्ष 2009 में जज नियुक्त हुए। 2015 में वह हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने। 13 मई 2016 को सुप्रीम कोर्ट में जज होने का गौरव हासिल किए और मौजूदा समय में सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश हैं। वह केरल उच्च न्यायालय में भी मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं।