नोएडा होमगार्ड कार्यालय में फर्जीवाड़े की फाइलें जलाए जाने पर सीएम सख्त, तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश

ब्यूरो, लखनऊ 
गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में होमगार्डों की ड्यूटी लगाने में हुए फर्जीवाड़े की फाइलों को सोमवार रात आग लगाकर नष्ट कर दिए जाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने काआदेश दिया है। डीजीपी ने बताया कि नोएडा के सहायक कमांडेंट व दो जवानों को हिरासत में ले लिया गया है। मुख्यमंत्री ने इस मामले की रिपोर्ट मंगलवार शाम तक तलब की है। साथ ही आगजनी की फोरेंसिक विशेषज्ञों से जांच कराने को कहा है।
सीएम की नाराजगी के बाद होमगार्ड के उच्च अधिकारियों ने देर शाम शासन को इस मामले की रिपोर्ट भेज दी। आगजनी के साथ-साथ वहां होमगार्डों की ड्यूटी लगाने में हुए फर्जीवाड़े की अंतरिम रिपोर्ट भी शासन को भेजी गई है। डीजीपी ओपी सिंह ने इस मामले की जांच गुजरात के फोरेंसिक विशेषज्ञों से कराने के निर्देश दिए हैं। इस बीच यूपी पुलिस के फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी थी।
नोएडा में जिला कमांडेंट होमगार्ड कार्यालय में सोमवार देर रात को संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग से वही फाइलें जली हैं जो होमगार्डों की ड्यूटी रिकार्ड से संबंधित थीं। इस मामले में नोएडा के सूरजपुर थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। आगजनी की सूचना मिलने के फौरन बाद फर्जीवाड़े की जांच के लिए गठित टीम भी मौके पर पहुंच गई।
जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक नोएडा के जिला होमगार्ड कमांडेंट कार्यालय के ब्लॉक ऑर्गनाइजर कक्ष का ताला तोड़कर यह आग लगाई गई। जिस बक्से में आग लगना बताया जा रहा है उसमें वर्ष 2014 से अब तक विभिन्न सरकारी विभागों में प्रतिनियुक्त किए गए होमगार्डों की ड्यूटी संबंधित मस्टर रोल रखे थे जो आग में जलकर खाक हो गए। अंदेशा है कि फर्जीवाड़े के साक्ष्यों को मिटाने के लिए साजिश के तहत यह आग लगाई गई।
*बड़ा घोटाला आया था सामने*
होमगार्ड विभाग में बड़ा वेतन घोटाला सामने आने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया था। शुरुआती दौर की जांच में नोएडा में घोटाला होने के साक्ष्य सामने आए थे। इसके बाद लखनऊ समेत अन्य जगहों पर भी जांच कराने के आदेश दिए गए थे। इसके लिए समिति का गठन किया गया है, जो नोएडा में जांच कर रही थी।
इस फर्जीवाड़े में होमगार्डों की ड्यूटी में गोलमाल कर आधे से अधिक पारिश्रमिक को हड़प लिया जा रहा था। नोएडा में जो जांच हुई उसमें सामने आया कि होमगार्ड थानों में काम पर नहीं आते थे पर उनकी हाजिरी लगाकर जिले के विभिन्न थानेदारों के फर्जी हस्ताक्षर व मोहर के सहारे बैंक से उनका वेतन निकाल लिया जा रहा था।