सवालों के दायरे में रही चर्चित "हनी" की गिरफ्तारी, सफेदपोश के करीबियों का दावा दबाव का नतीजा रही कार्रवाई

   वाराणसी:* पुलिस के रिकार्ड में कैंट थाने के हिस्ट्रीशीटर अभिषेक सिंह उर्फ हनी को अर्न्तजनपदीय गैंग का सरगना दर्शाया जाता है। लंबे समय से हनी के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं दर्ज हुआ था। अलबत्ता खुद को बाहुबली बताने वालों के खिलाफ रेलवे के टेंडर में उसका विरोध जरूर हुआ था।


   लंबे समय तक सफेदपोशों के निशाने पर रहने वाले हनी को कैंट पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही एक सफेदपोश के करीबी गिरफ्तारी का श्रेय लेने में जुट गये। उनका दावा था कि 'साहब' से 'भैय्या' की मुलाकात के बाद ही यह तय हो गया था। कहा तो यहां तक जा रहा है कि टेंडर में जो भी विरोध करने वाला रहेगा उसे पुलिस की मदद से ठिकाने लगा दिया जायेगा।


*दो मोबाइल की रही बरामदगी*


पुलिस ने भले ही हनी का लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास बताया हो लेकिन गिरफ्तारी के समय उसके पास से दो मोबाइल फोन के अलावा कुछ नहीं मिला है। कुछ दिन पहले दर्ज हुए रंगदारी के मामले में वांछित दर्शाते हुए कैण्ट क्राइम टीम द्वारा सर्विलांस व मुखबिर की सहायता से सोमवार को गिरफ्तारी दर्शायी गयी है। अलबत्ता पुलिस के प्रेस नोट में यह भी जिक्र किया गया है कि हनी ने कबूल किया कि आज हम पाण्डेयपुर से कही जा रहे थे कि हमे पुलिस ने घेर घारकर पकड़ लिया। इस दौरान साथी विवेक सिंह कट्टा फरार हो गया।


*टेंडर विवाद में हो चुकी है हत्या*


गौरतलब है कि रेलवे के टेंडर में खुद को बाहुबली का करीबी बताने वालों का हनी ने विरोध करते हुए हंगामा करा दिया था।


   इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के कई लोगों को गिरफ्तार किया था। कुछ माह बाद यूपी कालेज के हास्टल में रहने वाले एक छात्रनेता की हत्या के बाद टेंडर डालने वाले गुट ने इसका क्रेडिट लेने की कोशिश की थी। ताजा कार्रवाई के बाद प्रतीत हो रहा है कि माननीय का गुट अधिकारियों को विश्वास में लेकर भारी पड़ने की कोशिश कर रहा है।