सी टू सोर्स गैंजेस नदी खोज यात्रा समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण एक वैश्विक समस्या है : हीथर कोल्डेवे

सी टू सोर्स गैंजेस नदी खोज यात्रा समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण एक वैश्विक समस्या है : हीथर कोल्डेवे


वाराणसी |  उत्तरार्द्ध में नेशनल जियोग्राफिक से जुड़ी जेन्ना जैमबेक और हीथर कोल्डेवे के नेतृत्व में वैज्ञानिकों और इंजिनियरों की टीम ने दो महीने लंबी एक खोजयात्रा शुरू की थी और मुख्यधारा की गंगा नदी  बंगाल की खाड़ी से लेकर हिमालय में गंगा के स्रोत तक मीलो की यात्रा की | नेशनल जियोग्राफिक के 'सी टू सोर्स' खोजयात्रा अभियान का यह दूसरा  चरण है, नदी खोजयात्रा का पहला चरण इस वर्ष मई-जुलाई में संपन्‍न हुआ था।  बांग्लादेश से लेकर भारत तक फैली गंगा के लिये खोजयात्रा से इस प्रसिद्ध नदी प्रणाली में मॉनसून के बाद प्लास्टिक प्रदूषण की गतिविधियों में अंतर और समानताएं देखी जाएंगी । इस पहल के हिस्से के तौर पर महिलाओं के नेतृत्व वाली इस खोजयात्रा टीम ने आज वाराणसी में गंगा नदी से प्लास्टिक के नमूने एकत्र किये । सी टू सोर्स गैंजेस नदी खोजयात्रा का लक्ष्य प्लास्टिक प्रदूषण की वैश्विक समस्या के निदान हेतु विशेषज्ञों के वैश्विक समुदाय को प्रेरित करना है। खोजयात्रा के दौरान टीम नदी और उसके आस-पास रहने वाले समुदायों के बीच मॉनसून के बाद प्लास्टिक प्रदूषण का स्तर मापेगी और हर जगह पर साक्षात्कार और समाधान कार्यशालाओं का आयोजन करेगी। अपने द्वारा प्राप्त किये गये डाटा का उपयोग कर यह टीम समाधान बताने, जानकारी के अभाव को दूर करने, और लंबे समय के सकारात्मक बदलाव के लिये स्थानीय और राष्ट्रीय भागीदारों के साथ काम करेगी। यह खोजयात्रा वाइल्डलाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया  द इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, द यूनिवर्सिटी ऑफ ढाका, वाइल्ड टीम और इसाबेला फाउंडेशन की भागीदारी में है और स्रोत से समुद्र तक प्लास्टिक अपशिष्ट की यात्रा के दस्तावेजीकरण, प्लास्टिक के प्रवाह, भार और संरचना पर जानकारी के अभाव को दूर करने पर भी केन्द्रित होगी। इस पहल को भारत में टाटा ट्रस्ट का सहयोग भी मिल रहा है।  नेशनल जियोग्राफिक सोसायटी के विषय में नेशनल जियोग्राफिक सोसायटी एक वैश्विक गैर-लाभकारी संगठन है, जो विज्ञान, खोज, शिक्षा और स्‍टोरीटेलिंग की ताकत का उपयोग कर विश्व की उत्कृष्टताओं को प्रकाश में लाता है और सुरक्षित रखता है। नेशनल जियोग्राफिक से जुड़ीं, खोजकर्ता एवं सी टू सोर्स गैंजेस वैज्ञानिक सह-नेतृत्वकर्ता हीथर कोल्डेवे ने कहा समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण एक वैश्विक समस्या है। इसमें हर वर्ष  मिलियन मेट्रिक टन प्लास्टिक आता है और नदियाँ उसके प्रवाह में बड़ा योगदान देती हैं तथा प्लास्टिक के अवशेषों को समुद्र में ले जाती हैं। इस खोजयात्रा में हमारा ध्यान इस पर है कि लोग और प्लास्टिक गंगा नदी से और अंतत: समुद्र से कैसे जुड़ते हैं। हम अपने डाटा का उपयोग कर जागरूकता बढ़ाएंगे और समाधान ढूंढेंगे।  शैक्षणिक पेशकशों के जरिये प्रतिवर्ष तीन मिलियन विद्यार्थियों तक पहुँचा है और सटीक अनुभवों, कथाओं तथा विषय-वस्तु के माध्यम से विश्व से जुड़ाव बनाया है।