खाकी में फैलते कोरोना संक्रमण ने बढ़ाई चिंता, डीजीपी की चेतावनी- लापरवाही पर अफसर भी होंगे जिम्मेदार

 


कोरोना की जंग में अगली कतार में खड़े पुलिसकर्मियों की जरा सी लापरवाही अथवा चूक उन पर काफी भारी पड़ सकती है। अपनी सुरक्षा में लापरवाही कर कुछ पुलिसकर्मी साथियों की मुश्किलें भी बढ़ा रहे हैं।


   अब तक 17 पुलिसकर्मियों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद चिंता बढ़ गई है। ऐसे में डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने सोमवार को सुरक्षा उपकरणों के प्रयोग को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहीं लापरवाही अथवा किसी प्रकार की चूक सामने आने पर पर्यवेक्षण अधिकारी की जवाबदेही भी तय की है। कहा है कि ऐसे मामलों में दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा है कि पुलिस बल की सुरक्षा का दायित्व सभी पर्यवेक्षण अधिकारियों का है। ड्यूटी पर मुस्तैद सभी पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को खासकर शारीरिक दूरी का अनुपालन करने का कड़ा निर्देश दिया गया है।


   डीजीपी ने कहा है कि हर स्तर के पर्यवेक्षण अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि अग्रिम पंक्ति में तैनात पुलिसकर्मी स्वस्थ व सुरक्षित रहकर कोरोना की जंग में अपना योगदान दे सकें। इसके लिए पूर्व में जारी एसओपी का सख्ती से अनुपालन कराया जाए।डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा कि पर्यवेक्षण अधिकारी हर स्थिति में ड्यूटी में तैनात सभी पुलिसकर्मियों की ब्रीफिंग करेंगे और उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति लगातार सचेत करेंगे।


   पुलिसकर्मी अनिवार्य रूप से मास्क, दस्तानों, पॉलीकार्बोनेट शील्ड व बचाव के अन्य उपकरणों का उपयोग करेेंगे। डीजीपी ने अस्पतालों में ड्यूटी करने वाले व आरोपितों की धरपकड़ करने वाली टीम में शामिल पुलिसकर्मियों को पीपीई किट पहनने के निर्देश भी दिए हैं।डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी का कहना है कि 55 वर्ष से अधिक आयु के अस्वस्थ पुलिसकर्मियों को फ्रंट लाइन ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों को सड़कों पर मुस्तैद जवानों का मनोबल बढ़ाने व हर स्तर पर अपनी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखने के लिए जागरूक करने को कहा गया है।


    पुलिस कार्यालयों व वाहनों में नियमित साफ-सफाई व सैनिटाइजेशन के निर्देश भी दिए गए हैं।डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने कहा कि पुलिसकर्मियों के अपनी सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतने की शिकायतें भी मिली हैं, जिन्हें गंभीरता से लिया गया है। पुलिसकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों उपलब्ध कराए गए हैं। जल्द सात हजार और पीपीई किट भी उपलब्ध हो जाएंगी।